कांडी : प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सतबहिनी झरना तीर्थ में विकास समिति व आम जनों के सहयोग से आयोजित मानस महायज्ञ का विराट आयोजन पूरे वैभव के साथ प्रगति पर है। यज्ञस्थल पर प्रतिदिन परिक्रमा, प्रवचन और प्रसाद वितरण में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं का उत्साह ऐसा है मानो आस्था का सैलाब सतबहिनी की धरती पर उतर आया हो।
सुबह से देर शाम तक श्रद्धालु मनोरम सतबहिनी झरना में स्नान कर यहां अवस्थित सभी मंदिरों में विधिवत दर्शन-पूजन कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र हरि नाम संकीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और रामधुन से गुंजायमान है।
महायज्ञ का संचालन यज्ञाचार्य पंडित श्याम बिहारी वैद्य के नेतृत्व में किया जा रहा है, जहां याज्ञिक पुरोहितों की टोली वैदिक मंत्रों के साथ निरंतर पूजन-हवन कर रही है। वहीं मानस आचार्य पंडित सुवंश पाठक के नेतृत्व में वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा श्रीरामचरित मानस का अखंड एवं सस्वर पाठ किया जा रहा है, जिसे सुन श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं।
आज के प्रवचन सत्र में अयोध्या धाम के विद्या कुंड से पधारे महामंडलेश्वर सिद्ध पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 श्री महंत प्रेमशंकर दास जी महाराज ने मानव जीवन के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव जीवन नश्वर है और शरीर एक दिन साथ छोड़ देता है। इसलिए जब तक जीवन और स्वास्थ्य है, तब तक हरि के गुणों का गान कर लेना चाहिए। यही मानव जीवन का सच्चा उद्धार है।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन एक बहुमूल्य अवसर है, जिसमें आत्म-ज्ञान, कर्म और मानवता की सेवा के माध्यम से व्यक्ति जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पा सकता है। दूसरों के प्रति प्रेम, सहानुभूति और जुड़ाव ही जीवन का वास्तविक सार है।
वहीं गुप्तकाशी से पधारे आचार्य सौरभ कुमार भारद्वाज ने संगीतमय एवं सरस शैली में श्रीराम कथा का वाचन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महायज्ञ को लेकर क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और दूर-दराज से श्रद्धालु सतबहिनी पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।