‘कॉफी विद एसडीएम’ में चाय दुकानदारों के साथ संवाद संपन्न
चाय विक्रेताओं की समस्याएं सुनी गईं, सुझावों पर अमल का मिला भरोसा
अनुप सिंह
गढ़वा: सदर एसडीएम संजय कुमार के नियमित साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम ‘कॉफी विद एसडीएम’ के अंतर्गत आज चाय दुकानदारों के साथ संवादात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में चाय की गुमटी, ठेला एवं छोटी दुकानों का संचालन करने वाले चाय विक्रेताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य चाय दुकानदारों की समस्याओं को समझना, उनके सुझावों को सुनना तथा प्रशासन और इस वर्ग के बीच संवाद को मजबूत करना रहा।
बैठक के दौरान चाय दुकानदारों ने अपने दैनिक व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को एसडीएम के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि चाय की गुमटी और ठेला न केवल आजीविका का साधन हैं, बल्कि सामाजिक संवाद का भी महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। दुकानदारों ने स्थानीय स्तर पर आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए।
एसडीएम ने चाय दुकानदारों की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी समस्याओं व सुझावों पर अमल करने के लिए भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद से प्रशासन को जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलती है और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
शहरी फुटपाथ विक्रेताओं की योजनाओं की दी गई जानकारी
बैठक में नगर परिषद के नगर मिशन प्रबंधक कौशल ठाकुर भी उपस्थित रहे। उन्होंने शहरी फुटपाथ विक्रेताओं के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स के लिए उपलब्ध ऋण योजनाओं, स्वरोजगार से जुड़ी सहायता एवं अन्य सरकारी लाभों के बारे में चाय दुकानदारों को विस्तार से अवगत कराया। साथ ही उन्होंने अधिक से अधिक दुकानदारों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
चाय विक्रेताओं ने साझा की व्यक्तिगत व सामाजिक समस्याएं
बैठक के दौरान चाय विक्रेताओं ने खुलकर अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक समस्याएं एसडीएम के समक्ष रखीं। विनय साव एवं सुदामा प्रसाद ने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं कि छोटे व्यवसायियों को गढ़वा के एसडीएम द्वारा आमंत्रित कर सम्मानपूर्वक अपने पास बैठाया गया। कचहरी के समीप चाय दुकान संचालित करने वाली सकीना बीबी ने बताया कि वर्ष 2005 में स्कूल से लौटते समय उनके पुत्र का दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के कारण वह दिव्यांग हो गया। पति के न होने की स्थिति में परिवार का संपूर्ण भार उन्हीं पर है तथा पुत्र के हाइड्रोसील ऑपरेशन के लिए सहायता की आवश्यकता है, जिस पर उनके परिवार को आवश्यक सहयोग का भरोसा दिया गया।
मझिआंव मोड़ पर चाय दुकान चलाने वाली ललिता देवी ने बताया कि उनका जवान पुत्र नशाखोरी की गिरफ्त में है जो उनकी आय भी छीन लेता है, जिस पर प्रशासनिक स्तर से हस्तक्षेप कर समझाइश की मांग की गई। पुलिस लाइन के पास चाय दुकान संचालित करने वाले नंदलाल यादव ने गढ़वा शहर में लगातार बनी रहने वाली जाम की समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। 11 वर्षों से चाय व्यवसाय कर रहे मुन्ना राम चंद्रवंशी ने कहा कि पहली बार एसडीएम के साथ बैठने का अवसर मिला, पहले वे इस कार्यालय को दूर से देखकर भयभीत रहते थे।
जोबरैया मोहल्ला निवासी चाय विक्रेता समीेर खान ने वर्ष 1989 से लंबित पारिवारिक भूमि विवाद में सहायता की मांग की, वहीं रंका मोड़ पर चाय दुकान चलाने वाले सुरेंद्र कश्यप ने विधि-व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए। अधिकांश चाय विक्रेताओं ने नगर परिषद द्वारा दुकान आवंटन की प्रक्रिया पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पात्र होने के बावजूद उन जैसे फुटपाथ विक्रेताओं को दुकानों का आवंटन नहीं किया गया।
सभी चाय विक्रेताओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए एसडीएम ने सभी को अपना मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया और आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर चाय विक्रेता सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
संवाद से मजबूत हुआ भरोसा
बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। चाय दुकानदारों ने इस प्रकार के संवादात्मक मंच की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनकी समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। प्रशासन की ओर से भी स्पष्ट किया गया कि आगे भी समाज के विभिन्न वर्गों के साथ इस तरह का संवाद लगातार जारी रहेगा।