विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं एवं गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर
अनुप सिंह
गढ़वा: समाहरणालय सभागार में आज शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव ने की।
बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा जिले की समग्र शैक्षणिक प्रगति, कंपोजिट जिला रैंकिंग, छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति, आधार एवं अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट, आधारभूत संरचना विकास, निपुण भारत मिशन, पीएम-श्री विद्यालयों का क्रियान्वयन, पलाश कार्यक्रम, पीएम-पोषण (मिड-डे मील) योजना, आईसीटी एवं स्मार्ट क्लास की स्थिति, स्वास्थ्य जांच एवं आयरन-फोलिक एसिड वितरण, सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट रेल के अंतर्गत मासिक मूल्यांकन, यू-डायस एवं एसएमएस रिपोर्टिंग, एनआईएलपी/उल्लास कार्यक्रम, न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों एवं उनके अनुपालन, तथा समग्र शिक्षा के अंतर्गत लंबित अग्रिमों सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति में सुधार, शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर वृद्धि तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में संचालित हो रही मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त एवं सुचारू रूप से संपादित कराने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीईओ, बीपीओ, सीआरपी एवं बीआरपी अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि शैक्षणिक गतिविधियाँ सुचारू रूप से संचालित हों। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पीएम-पोषण (मिड-डे मील) योजना किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं होनी चाहिए। साथ ही विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छे एवं समर्पित शिक्षकों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिले।
बैठक में उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने का आह्वान किया।
इस बैठक में उपायुक्त के अतिरिक्त उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय पाण्डेय, झारखण्ड एजुकेशन प्रोजेक्ट के सहायक पंकज पाण्डेय, रूम टू रीड इंडिया के जिला प्रतिनिधि लखविन्द्र कुमार सहित शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।