*कांडी- अतिरिक्त उपस्वास्थ्य केंद्र कांडी एक बार फिर से अपने मूल उद्देश्य से भटकता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्थापित यह केंद्र अब स्कूली साइकिलों के गोदाम में तब्दील होने जा रहा है। कल्याण विभाग द्वारा स्कूली बच्चों को वितरित की जाने वाली साइकिलों को बुधवार को ट्रक से उतारकर सीधे स्वास्थ्य केंद्र में रखा जाने लगा, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। यह पहली बार नहीं है जब इस स्वास्थ्य केंद्र को गोदाम में बदला गया हो। कुछ समय पहले भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जब यहां साइकिलें रखी गई थीं। तब स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े थे, और अस्पताल परिसर से सारी साइकिलें हटाई गई थीं। लेकिन अब फिर वही स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे यह सवाल उठता है कि आखिर किसके आदेश से अस्पताल को बार-बार गोदाम बना दिया जाता है और क्यों संबंधित अधिकारी इस पर चुप्पी साधे रहते हैं?
कांडी उप स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के लोगों के लिए एकमात्र प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाला केंद्र है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन जब अस्पताल परिसर में साइकिलें रख दी जाती हैं, तो न केवल मरीजों को असुविधा होती है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित होती हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पिछली बार जनप्रतिनिधियों के दबाव में अस्पताल परिसर से साइकिलों को हटाया गया था, तो फिर दोबारा ऐसी स्थिति क्यों पैदा हो गई? क्या प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी या जानबूझकर इसे नजरअंदाज किया जा रहा है? अब यह देखना दिलचस्प होगा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस बार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं। या फिर जिम्मेदार अधिकारी खुद संज्ञान लेकर अस्पताल को पुनः उसकी मूल स्थिति में लाने का प्रयास करेंगे?