चमराही, अटौला-चेचरीया, संग्रहे क्षेत्रों के डेढ़ दर्जन लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई
अनुप सिंह
गढ़वा: अवैध बालू उत्खनन और परिवहन को लेकर लगातार शिकायतों एवं स्थानीय आसूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने शनिवार को मेराल और सदर थाना क्षेत्रों अंतर्गत कोयल नदी के तटीय इलाकों चमराही, अटौला-चेचरीया, संग्रहे, पतसा आदि क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य अवैध बालू उत्खनन एवं परिवहन की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
निरीक्षण के क्रम में प्रथम दृष्टया कोयल नदी किनारे अवैध बालू खनन की लगातार गतिविधियों की पुष्टि हुई। एसडीएम द्वारा मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की गई, गोपनीय जानकारियां भी जुटायी गयीं, जिसमें अवैध उत्खनन एवं रात्रिकालीन अवैध परिवहन से संबंधित कई महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त हुईं। प्राप्त सूचनाओं एवं तथ्यों के आधार पर इस अवैध गतिविधि में संलिप्त लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई शुरू की गई।
मिली जानकारी के अनुसार अवैध बालू उत्खनन और परिवहन में जुड़े लोग रैयती खेतों से होकर बालू ट्रैक्टर गुजारते हैं जिससे लोगों की फसलें भी बर्बाद हो रही हैं, हालांकि कुछ खेत मालिक भी इसके एवज में बालू चोरों से प्रति ट्रैक्टर पैसा वसूल करते हैं जबकि कुछ खेत मालिक इस सिंडिकेट का हिस्सा नहीं है।
जिन लोगों पर कार्रवाई की गई उनमें इकबाल अंसारी, शेख शहंशाह, शेख रहमत, यूनुस खान, गुड्डू अंसारी, गुड्डन खान, पचू खान, तोफा खान, धर्मेंद्र तिवारी, निकू तिवारी, वीरेंद्र तिवारी, डीशु तिवारी, राजू तिवारी, शैलेंद्र तिवारी, निमिश तिवारी आदि शामिल हैं।
एसडीएम संजय कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नदी तटों से अवैध बालू खनन न केवल पर्यावरणीय संतुलन के लिए घातक है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती है। संगठित रूप से अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लिप्त लोगों के विरुद्ध उनकी नीति शून्य सहनशीलता की है। किसी भी परिस्थिति में इस प्रकार की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पुलिस एवं खनन विभाग को निर्देश दिया कि कोयल नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में सतत गश्त एवं कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए। भविष्य में अवैध उत्खनन या परिवहन की पुनरावृत्ति पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिसम्मत कार्रवाई, आवश्यकतानुसार वाहन जब्ती एवं जेल भेजने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी सरकारी कर्मी की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संलिप्तता इस अवैध कारोबार में पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे अवैध बालू खनन एवं परिवहन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी प्रशासन को गोपनीय रूप से उपलब्ध कराएं। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।