मझिआंव: झारखंड मनरेगा कर्मचारी संघ की गढ़वा जिला इकाई के पदाधिकारी व कर्मचारी शुक्रवार को विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह के मोरबे स्थित आवास पर मिले।और मनरेगा कर्मचारियों की बर्खास्तगी एवं 10-11 माह से लंबित मानदेय के संबंध में समस्या के समाधान के लिए सार्थक पहल करने की मांग की। जिसमें विशेष रूप से मझिआंव, कांडी एवं बरडीहा प्रखंड सहित अन्य प्रखंड के कर्मी शामिल रहे।
इस संबंध में विधायक को दिए गए मांग पत्र में मनरेगा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अभिमन्यु तिवारी ने कहा है कि विगत 18 वर्षों से मनरेगा कर्मी सरकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करते आ रहे हैं। किंतु पिछले 5-6 माह से गढ़वा जिले के मनरेगा कर्मियों की लगातार बर्खास्तगी हो रही है, जिसके कारण वे भय एवं असुरक्षा के वातावरण में कार्य करने पर विवश है। साथ ही कई निर्दोष कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की गई है।पत्र में कहा गया है कि निर्दोष कर्मियों की सेवा बहाली की मांग हेतु 23 सितंबर 2025 को उपयुक्त गढ़वा को मांग पत्र सोपा गया था। तत्पश्चात 01 दिसंबर 2025 को उपायुक्त महोदय से मनरेगा कर्मियों की वार्ता भी हुई थी। इसके बाद उनके द्वारा सेवा बहाल करने का आश्वासन दिया गया था। परंतु दो माह गुजरने के बाद भी इस पर कोई ठोस पहल नहीं की गई। जबकि इसी प्रकरण में मुखिया का वित्तीय अधिकार बहाल कर दिया गया तथा पंचायत सचिवों को भी सेवा में ले लिया गया। जबकि मनरेगा कर्मियों को आज तक सेवा में वापसी नहीं की गई। यही नहीं मनरेगा कर्मियों से अन्य विकास योजनाओं में कार्य भी लिया जाता है। जबकि विगत 10 -11 माह से सभी मनरेगा कर्मियों का मानदेय लंबित है। जिसके कारण उनके परिवार के समक्ष भरण पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई तथा दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश कमेटी के नेतृत्व में गढ़वा जिला सहित पूरे झारखंड राज्य के मनरेगा कर्मियों ने 01 मार्च 2026 से सामूहिक हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
इधर विधायक विधायक द्वारा मनरेगा कर्मचारी संघ की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने एवं इस पर सार्थक पहल करने का आश्वासन दिया गया।