6 Feb 2026, Fri

उपायुक्त ने जनसुनवाई में सुनी आमजनों की समस्याएं, त्वरित समाधान हेतु पदाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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बाल संरक्षण मामले में उपायुक्त की त्वरित पहल, अनाथ बच्चियों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश

अनुप सिंह

गढ़वा उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव की अध्यक्षता में नये समाहरणालय सभागार में आज जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा।

जनसुनवाई के दौरान राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, अतिक्रमण, सरकारी योजनाओं का लाभ, रोजगार सृजन सहित विभिन्न प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुईं। उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

प्रमुख शिकायतें एवं उपायुक्त द्वारा दिए गए निर्देश

सर्वप्रथम जनसुनवाई कार्यक्रम में कांडी प्रखंड के ग्राम बहेरवा निवासी रामगति प्रजापति ने उपायुक्त को अवगत कराया कि वर्ष 2019 में उनकी पुत्री अमृता देवी की हत्या उसके पति धर्मजीत प्रजापति द्वारा पत्थर से कुचलकर कर दी गई थी। मृतका की दो छोटी बच्चियां हैं, जिनका पालन-पोषण वे स्वयं कर रहे हैं, किंतु आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने जिला प्रशासन से बच्चियों के भरण-पोषण हेतु सहयोग तथा दोषी को कड़ी सजा दिलाने में सहायता की मांग की। इस अवसर पर बरडीहा जिला परिषद अध्यक्ष अर्चना प्रकाश भी उपस्थित रहीं।

उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवेदन को जिला बाल संरक्षण कार्यालय को अग्रसारित किया तथा बच्चियों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

वहीं रंका प्रखंड के ग्राम सोनपुरवा निवासी विनोद यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि बिजली का करंट लगने से उनकी गाय की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के कार्यालयों का चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है।

उपायुक्त ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर तत्काल कार्रवाई करने एवं नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

विशुनपुरा प्रखंड के ग्राम हुरही से मुन्ना साव, संजय यादव सहित लगभग 40 ग्रामीणों ने शिकायत की कि गांव के ही संजय कुमार गुप्ता, जो उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में पारा शिक्षक हैं, उन्होंने वर्ष 2012 से 2019 के बीच एक वेलफेयर कंपनी में निवेश कर पांच वर्षों में राशि दोगुनी होने का झांसा देकर लगभग 13 लाख रुपये की वसूली की और अब राशि हड़पने का प्रयास कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने पारा शिक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच एवं कानूनी कार्रवाई कर राशि की वापसी सुनिश्चित करने की मांग की। उपायुक्त ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई हेतु संबंधित विभाग को निर्देशित किया।

रमकंडा प्रखंड के ग्राम रमकंडा निवासी इशहाक अंसारी ने शिकायत की कि उनकी रैयती भूमि के समीप स्थित सर्वे में दर्ज अनाबाद सर्वधारण आम रास्ते पर गांव के ही दिलदार मियां द्वारा पक्का निर्माण कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि अंचल स्तर पर जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने तथा अनुमंडल पदाधिकारी रंका द्वारा अतिक्रमण हटाने के निर्देश के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामले का त्वरित निष्पादन कर अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया।

जनसुनवाई से बढ़ती पारदर्शिता

इस अवसर पर उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि “जनसुनवाई प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। इससे समस्याओं का त्वरित समाधान होता है और शासन में पारदर्शिता एवं विश्वास बढ़ता है।”

उन्होंने बताया कि जिले एवं सभी प्रखंडों में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि आम नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें।

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