शिक्षक को अभिभावक की और अभिभावक को शिक्षक की भी भूमिका निभानी होगी : एसडीएम
अनुप सिंह
गढ़वा: सदर एसडीएम संजय कुमार ने डंडई प्रखंड अंतर्गत पचोर पंचायत के नौडीहा मध्य विद्यालय में आयोजित पेरेंट्स–टीचर मीटिंग में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों से संवाद करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
अभिभावकों और छात्रों को सम्मानित भी किया
बैठक के अंत में उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं तथा विद्यालय प्रबंधन में महती भूमिका निभाने वाले अभिभावकों को सम्मानित भी किया।
समन्वय जरूरी
एसडीएम ने कहा कि किसी भी छात्र के सर्वांगीण विकास में शिक्षक और माता-पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं, जबकि विद्यालय के शिक्षक उनके दूसरे अभिभावक की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में घर और विद्यालय के बीच बेहतर समन्वय बच्चों के शैक्षणिक एवं नैतिक विकास को सुदृढ़ बनाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, अनुशासन, मोबाइल फोन के सीमित उपयोग तथा अच्छे संस्कार अपनाने की सलाह दी। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके व्यवहार, दिनचर्या और रुचियों पर भी निरंतर ध्यान दें। शिक्षकों से उन्होंने अपेक्षा जताई कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें उचित मार्गदर्शन दें और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराएँ।
इस दौरान एसडीएम ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन शिक्षा से जुड़े विषयों पर संवेदनशील है और बच्चों के हित में हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
बच्चों में अनुशासन व नैतिक मूल्यों का भाव करें विकसित
संजय कुमार ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में अनुशासन, नैतिक मूल्य और जिम्मेदारी का भाव विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए माता-पिता और शिक्षकों के बीच निरंतर संवाद और समन्वय जरूरी है। जब घर और विद्यालय एक ही दिशा में प्रयास करते हैं, तभी बच्चों का सही मायनों में सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है।
कार्यक्रम में मुखिया सरिता सिंह, प्रधानाध्यापक संजय सिंह, वार्ड पार्षद, सीआरपी, शिक्षकगण, अभिभावकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।




