2 से 12 फरवरी 2026 तक सतबहिनी झरना तीर्थ में महायज्ञ का आयोजन
अनुप सिंह
कांडी : प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतबहिनी झरना तीर्थ में नव वर्ष के पहले दिन परंपरा के अनुसार मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति व आमजनों की बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सह विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने की। इस दौरान 2 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक होने वाले मानस महायज्ञ के विराट आयोजन को लेकर विचार विमर्श किया गया। इस विषय को लेकर कई योजनाओं को बैठक में अंतिम रूप दिया गया।
कहा गया कि 2 जनवरी 2026 से मानस महायज्ञ को लेकर गठित उप समितियों के द्वारा प्रखंड क्षेत्र एवं निकटवर्ती क्षेत्र के गांव कस्बा एवं शहरों में सघन जनसंपर्क प्रारंभ कर दिया जाए। क्योंकि समय बहुत अधिक शेष नहीं है और कड़ाके की ठंड तथा शीतलहरी से वैसे भी कुछ विलंब हो चुका है। उप समिति के लोगों ने भी तय किया कि 2 जनवरी से सघन जनसंपर्क प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए टोलियों का निर्धारण भी किया गया। जानकारी दी गई की निर्माणाधीन दुकानों के लिए सैटरिंग का काम अंतिम चरण में है। सोमवार या मंगलवार को दुकानों के छत की ढलाई होगी। इस मौके पर समिति के सचिव ने 26 वें मानस महायज्ञ के लिए हैंड बिल एवं पोस्टर जारी करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 2 फरवरी 2026 को सतबहिनी की विराट कलश यात्रा निकाली जाएगी। जबकि 3 फरवरी की सुबह में पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश एवं मंत्राग्नि प्राकट्य के साथ यज्ञ आरंभ हो जाएगा। इसके साथ ही यज्ञ मंडप की परिक्रमा प्रारंभ हो जाएगी। जबकि इसी दिन से दोपहर से संध्या तक भारतवर्ष के विशिष्ट मंचों के कई प्रवक्ताओं के द्वारा सतबहिनी के विशेष मंच से प्रवचन प्रस्तुत किया जाएगा। इस वर्ष के प्रवक्ताओं में विद्या कुंड अयोध्या के सिद्ध पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर महंत श्री श्री 1008 श्री प्रेम शंकर दास जी महाराज, काशी की आराधना देवी शास्त्री एवं पंडित शशिकांत जी तथा गुप्त काशी के आचार्य सौरभ कुमार भारद्वाज का नाम शामिल है।
जबकि औरंगाबाद के पंडित श्याम बिहारी वैद्य यज्ञाचार्य होंगे एवं पलामू के पंडित सुवंश पाठक मानस आचार्य होंगे। वहीं श्री धाम वृंदावन के पंडित विनोद गौरव शास्त्री एवं साथियों के द्वारा श्री रामचरितमानस का संगीतमय पारायण पाठ प्रस्तुत किया जाएगा। यह कार्यक्रम 11 फरवरी 2026 की संध्या तक लगातार जारी रहेगा। वहीं 12 फरवरी को महा पूर्णाहुति, महाभंडारा एवं संत विद्वानों की विदाई की जाएगी। जानकारी देते हुए कहा कि इस दौरान प्रतिवर्ष की तरह 11 दिनों का विराट मेला लगेगा। जिसमें सजी सैकड़ों दुकानों पर रोज हजारों श्रद्धालु खरीदारी करते हैं।