मझिआंव:- स्थानीय रेफरल अस्पताल में अक्टूबर 2025 से मेडाल लैब के बंद होने से आम लोगों को जांच कराने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह लैब क्षेत्र में सस्ती, सुलभ और भरोसेमंद जांच सेवाओं के लिए जानी जाती थी। इसके बंद हो जाने से मरीजों को अब निजी लैबों का सहारा लेना पड़ रहा है।जहां जांच शुल्क अधिक होने के कारण आर्थिक बोझ बढ़ गया है। खासकर गरीब, बुजुर्ग और ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
सरकारी अस्पतालों में पहले से ही जांच की सीमित सुविधाएं हैं और लंबी कतारों के कारण समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पाती। ऐसे में मेडाल लैब जैसी सुविधाजनक व्यवस्था का बंद होना स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को और गंभीर बना रहा है। कई मरीजों को दूर-दराज के शहरों में जाकर जांच करानी पड़ रही है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
कुछ मामलों में जांच में देरी के कारण इलाज भी प्रभावित हो रहा है, जो चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मेडाल लैब को पुनः चालू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह लैब जनहित में थी और इसके संचालन से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होती थीं। सरकार से अपील है कि वह इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द मेडाल लैब को फिर से शुरू कराए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और समय पर उचित इलाज संभव हो सके।