रमना: प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचओ चिकित्सक पदस्थापित रहने के बावजूद मरीजों का सही उपचार नहीं हो पा रहा है। इमरजेंसी डिप्टी से सीएचओ गायब रहते हैं। नतीजन इलाज कराने रात्रि में अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को एनएम व सफाई कर्मी के सहारे रहना पड़ रहा है।या तो फिर बिना उपचार कराये ही मायूस होकर घर लौटना पड़ रहा है। मजबूर होकर लोग झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज कराने को विवश हैं। गुरुवार को भी रात्रि में सीएचओ आयान खान व लोकेन्द्र राणा डिप्टी आवर सें गायब मिले प्रखंड क्षेत्र से बड़ी संख्या में इमरजेंसी मरीज अस्पताल पहुंचे।
लेकिन चिकित्सकों से मुलाकात न होने के कारण उन्हें बिना इलाज कराये लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, रमना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित एक बी एम एस, छः सीएचओ है। जबकि अस्पताल में उपस्थिति नहीं है बताया गया कि रमना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आए दिनों में इमरजेंसी डिप्टी से गायब रहते हैं। संतोष ठाकुर कंप्यूटर ऑपरेटर सें बात करने पर बताया गया कि अयान खान और लोकेंद्र राणा की डिप्टी इमरजेंसी रात्रि में था लेकिन दोनों सीएचओ गुरुवार रात्रि में अनुपस्थित मिले। मरीज इलाज कराने पहुंचे चिंता देवी पति पिंटू राम ने बताऐ की सभी को बिना उपचार कराए लौटना पड़ा। वहीं चोटिल गर्भवती महिला चिंता देवी परेशान होकर बहियार गांव की 35 वर्षीय वापस लौट गईं। लेकिन डॉक्टर न मिलने से उन्हें दवा तक नहीं मिल सकी। विधायक प्रतिनिधि रोहित वर्मा कहां की बर्दाशत नहीं की जायेगी लापरवाही।
इस संबंध में अनुमंडलीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर सुचित्रा मैडम ने कही कि चिकित्सकों की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल में योगदान देने वाले सभी डॉक्टरों को नियमित रूप से आना होगा, अन्यथा उन्हें सेवा से इस्तीफा देना पड़ेगा। उन्होंने बताइ कि अनुपस्थित चिकित्सकों की जानकारी लेकर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पताल के सभी कर्मियों को नियमित उपस्थिति दर्ज कर सेवा भाव से मरीजों का इलाज करने का निर्देश दिया गया है।