रमना: दूसरी बार प्रारम्भ हुए पंचायती राज के 15 वर्ष के करीब पूरा हो जाने एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम आवास एवं राज्य सरकार द्वारा चलाया गया अबुवा आवास योजना के बाद भी प्रखंड के बहुत सारे ऐसे मजदूर परिवार है, जिनको इन सुविधाओं का लाभ अभीतक प्राप्त ही नहीं हुआ है। जिस कारण प्रखंड क्षेत्र में सैकड़ो परिवार टूटे-फूटे एवं जर्ज़र मिट्टी के घर में जान जोखिम में डालकर परिवार साथ आज भी गरीब मजदूर रहने को विवस है। ऐसे वाक्या आज भी हजारों परिवार है। इसी क्रम में सिलीदाग पंचायत के मंगरा मौजा के कमलेश कुमार ने बताया कि मैं दूसरे राज्यों में जाकर मेहनत मजदूरी का काम करता हुँ। जिससे घर परिवार किसी प्रकार से चलता है। उसी में परिवार के ऊपर लगातार विपत्ति के बादल छाये हुए है।
जिससे दुःख दुखे और सुख सपने रह जा रहा है। जिस कारण घर मकान बनाने के लिए रकम जमा नहीं हो पा रहा है।पंचायती राज में एक ही व्यक्ति को दो दो तीन तीन बार आवास का लाभ मिल चूका है। लेकिन हमारे दयनीय स्थिति को देख कर भी हमें आवास नहीं मिला जिस कारण हमलोग किसी प्रकार जर्ज़र कच्चा मकान में गुजर बसर कर रहे है। इस बार हुए आवास सर्वे में सबका सर्वे हुआ पर हमलोगो का नहीं हुआ।विवश होकर जान जोखिम में डाल कर इस मकान में रहते है। सभी जनप्रतिनिधि को हम गरीबो कि समस्या केवल चुनाव के समय ही दिखता है, उसके बाद कोई भी सुध लेने नहीं आते।