5 Feb 2026, Thu

बालू माफियाओं का मनोबल बढ़ा: रात के अंधेरे से दिन के उजाले तक सैकड़ों ट्रैक्टरों से हो रही है बालू की लूट,बेखौफ धंधेबाजों को नहीं है किसी से डर

शेयर करें

अनुप सिंह

कांडी : गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र में इन दिनों बालू माफियाओं का आतंक चरम पर है। लगातार कोयल नदी के विभिन्न घाटों से रात के अंधेरे में , और दिन के उजाले तक सैकड़ों ट्रैक्टरों से बालू का अवैध उठाव धड़ल्ले से जारी है। जिससे कोयल नदी के किनारे बसे गांवों पर वर्षांत में खतरा बढ़ जाता है। आलम यह है कि सूरज ढलते ही बालू खनन के लिए माफियाओं में खलबली तेज हो जाती है, और कोयल नदी के विभिन्न अवैध घाटों से ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट से गूंज उठते हैं, और पूरी रात व दिन के उजाले तक बालू की यह काली कमाई का खेल चलता रहता है।

रात भर चलता है ‘पीला सोना’ लूटने का खेल

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हर रात कोयल नदी के विभिन्न अवैध घाटों पर सैकड़ों ट्रैक्टरों का तांता लग जाता है। बालू माफिया बिना किसी डर के अवैध रूप से खुदाई कर रहे हैं। प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर या उनकी चुप्पी का फायदा उठाकर माफिया करोड़ों की सरकारी संपत्ति को चूना लगा रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कांडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत होने वाले इस बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन की जानकारी के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून या पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। रात के समय सड़कों पर दौड़ते बालू लदे ट्रैक्टर न केवल राजस्व की चोरी कर रहे हैं, बल्कि दुर्घटनाओं को भी निमंत्रण दे रहे हैं। तेज रफ्तार के कारण लोगों में डर बना रहता है।


कोयल नदी से अंधाधुंध बालू के उठाव के कारण नदी का जलस्तर नीचे जा रहा है और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है। यहां तक की क्षेत्र में निजी जमीन में रास्ता बनाकर बालू का खनन कर रहे हैं। इसके साथ-साथ मोखापी गांव के बाद तटबंध नहीं है जिसके कारण बरसात के मौसम में बाढ़ आने पर कोयल नदी के किनारे बसे गांव के जमीन जलमग्न हो जाता है और गांव पर भी खतरा बढ़ने लगता है। अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में क्षेत्र को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि कांडी थाना क्षेत्र में चल रहे इस अवैध बालू सिंडिकेट पर तुरंत नकेल कसी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि घाटों पर औचक छापेमारी की जाए और संलिप्त माफियाओं के साथ-साथ इसमें ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।

बालू माफियाओं का रैकी व खुफिया

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांडी क्या बालू माफिया का तंत्र जिला के कुछ विभागों के कर्मियों तक फैला हुआ है। इसके साथ-साथ रैकी करने वाले जिला एवं मझिआंव क्षेत्र तक फैले रहते हैं।

इधर खनन पदाधिकारी का कहना है कि छापेमारी की जा रही है लेकिन सूचना पाते ही बालू माफिया सतर्क हो जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *