5 Feb 2026, Thu

चंद्रगुप्त परियोजना के विस्थापितों की मांगों पर त्रिपक्षीय वार्ता, विधायक श्री चौधरी ने कहा: ‘जनता सर्वोपरि’

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विष्णु गुप्ता:

बड़कागांव: चंद्रगुप्त खनन परियोजना से प्रभावित और विस्थापित परिवारों की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान हेतु हजारीबाग समाहरणालय सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला प्रशासन, सीसीएल (CCL) के अधिकारी, एमओयू कंपनी के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

बैठक के दौरान विधायक रोशन लाल चौधरी ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि ग्रामीण जनता की भावनाओं और उनके हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “मेरे लिए क्षेत्र की जनता ही सर्वोपरि है। जब तक ग्रामीणों की सभी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक कोई अन्य बात नहीं होगी। मैं अपनी जनता की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ने को तैयार हूँ।”

विधायक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और कंपनी अधिकारियों को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें RFCTLARR ACT 2013 के तहत वर्तमान बाजार दर पर मुआवजा देने सहित कई अहम शर्तें रखी गई हैं:

रैयती, बंदोबस्ती और गैर-मजूरुआ जमीनों का भौतिक सत्यापन कर मकान, कुआं, पेड़ और तालाब का मुआवजा एक साथ दिया जाए।

विस्थापितों को हजारीबाग शहर के पास बसाया जाए। साथ ही, 18 वर्ष से ऊपर के प्रभावितों को मिलने वाली राशि को 7 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए किया जाए।

परियोजना के रोजगारों में 90% स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर नियोजित किया जाए। कोयला विक्रय में स्थानीय रैयतों के लिए 40% कोटा निर्धारित हो।

विधवा, विकलांग और बुजुर्गों (60 वर्ष से ऊपर) के लिए आर्थिक सहायता की नियमावली बने।

खनन कार्य पूरा होने के बाद जमीन का समतलीकरण कर उसे वापस मूल रैयतों को सौंपा जाए।

प्रशासन का आश्वासन

विस्थापितों की मांगों को सुनने के बाद जिला प्रशासन और सीसीएल के अधिकारियों ने मांग पत्र पर सकारात्मक विचार करने और नियमानुसार उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

इस वार्ता में उप समाहर्ता संतोष कुमार सिंह, सीओ रामरतन बरनवाल, परियोजना अधिकारी अमरेश कुमार सिंह, मुखिया महेश प्रसाद साव, सांसद प्रतिनिधि कर्मचारी साव, जिला परिषद सदस्य अनीता सिंह, उप प्रमुख अमेरिका महतो सहित पचड़ा, सिझुआ, नवाखाप और जोरदाग के सैकड़ों ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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