रमना प्रखंड के हरादाग विद्यालय में शिक्षा हर बच्चों का मौलिक अधिकार है। निःशुल्क शिक्षा लेकिन शिक्षा के इस मौलिक अधिकार का हरादाग कला उत्क्रमित मध्य विद्यालय में खुलेआम धज्जिया उड़ाया जा रहा है। बुधवार को विद्यालय में प्रधान शिक्षक शशिभूषण मेहता के द्वारा बताया गया कि इस विद्यालय में कुल 740 बच्चे नामांकित और आज कि उपस्थिति कुल 300 बच्चों कि है। लेकिन विद्यालय कक्ष और विद्यालय परिसर में मुश्किल से पांच दस बच्चे खेलते नजर आये। और ग्यारह शिक्षकों में तीन चार शिक्षक कोने में बैठकर मोबाइल चलाते दिखे ज़ब इस सम्बन्ध में पूछा कि सर तीन सौ बच्चों कि उपस्थिति है और सौ बच्चे भी विद्यालय परिसर में नहीं है। तो इस पर दो और सहयोगी शिक्षक आकर बताए कि सभी बच्चे पूजा कि सामग्री लेने गये है।
क्या किसी भी विधालय से एक ही साथ तीन सौ बच्चे पूजा सामग्री खरीदने गये हो। शिक्षकों का जबाब काफी हास्यपद था।ज़ब पूछा कि कोई शिक्षक भी साथ गये है। तो मुख्य शिक्षक एवं दो सहयोगी शिक्षक भड़क गए। एवं बोले कि इस बात कि जानकारी आपको क्यों दे।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरादाग कला को उच्च विद्यालय करने के लिए विधायक अनंत प्रताप देव ने शिक्षा विभाग से मांग किए है।जिस विद्यालय में इतनी बड़े पैमाने पर अनुपस्थिति एवं उपस्थिति में गड़बड़ी है। इस सम्बन्ध में ग्रामीणों से जानकारी लिया तो नाम नहीं छापने के शर्त पर बताए कि इस विद्यालय में पढ़ाई नाम मात्र कि है। बच्चों को संपर्क टीवी शिक्षा प्राप्त करने के लिए लगाया गया है। लेकिन बच्चों को शिक्षक के मोबाइल यूट्यूब से कनेक्ट कर भोजपुरिया सिनेमा दिखया जाता। जिस विद्यालय में बच्चों को भोजपुरिया सिनेमा दिखाया जाता है। उसमे शिक्षा कि क्या गुणवता होंगी और कैसी शिक्षा दी जाती है इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है।