कांडी: प्रखण्ड व अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है, यह सत्य है। प्रखण्ड की जनता का काम बिना पैसा लिए कोई काम हो ही नहीं रह रहा है। इस आशय की जानकारी नवनिर्वाचित प्रखण्ड प्रमुख सत्येन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पिंकू पांडेय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित के दौरान दी है। उन्होंने कहा कि अब मैं पुनः आ गया हूँ भ्रष्टाचार पर पूर्ण रूप से लगाम लगेगा। प्रखण्ड प्रमुख पिंकू पांडेय एवं क्षेत्रीय विधायक के बीच भ्रष्टाचार के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर आवाज उठाई जा रही है। जहां एक ओर प्रमुख ने विधायक पर संगीन आरोप लगाया है, वहीं विधायक ने उक्त आरोपों को निराधार भी बताया है। और प्रखंड प्रमुख को भ्रष्टाचार में लिप्त बताया है। इधर प्रखण्ड प्रमुख पिंकू पांडेय ने प्रेस वार्ता के दौरान विधायक पर व्यापक भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विधायक प्रखण्ड व अंचल कार्यालय के कर्मचारियों के माध्यम से अवैध वसूली करवाते हैं। साथ ही उन्होंने सड़क निर्माण व ठेकेदारी में भी कमीशनखोरी की भी मुद्दा उठाई। प्रमुख पिंकू पांडेय ने एक और आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत समिति सदस्य को प्रभावित करने के लिए रुपये देकर वोट खरीदने की प्रयत्न की गई। मैं धन्यवाद देता हूँ प्रखण्ड के सभी पंचायत समिति सदस्यों को जिसने सभी लोभ-लालच को दरकिनार करते हुए मुझे वोट किया।
वहीं 26 जनवरी को सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल में झंडोतोलन के पश्चात पत्रकारों से प्रखंड प्रमुख द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के सम्बंध के बारे में पूछताछ के दौरान विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने आक्रामक अंदाज में कहा की मैंने आज तक किसी भी कर्मचारी, अंचल कार्यालय या थाना से एक पैसा लेने की बात सोची तक नहीं है। कांडी प्रखण्ड क्या? पूरे विधानसभा क्षेत्र के किसी भी प्रखण्ड कोई भी कर्मी यह नहीं कह सकते हैं कि विधायक ने कभी पैसे की मांग की है। भ्रष्टाचार तो दूर की बात है, यदि मुझ पर लगा यह आरोप सही साबित होता है तो मैं सतबहिनी झरना की पवित्र पंडी नदी में डूबकर जान देना पसंद करूंगा। विधायक ने प्रमुख पर पलटवार करते हुए कहा कि पिंकू पांडेय स्वयं इस प्रकार के मामलों में संलिप्त हो समते हैं। वे अपनी गलतियों को छिपाने के लिए मुझ पर लांछन लगा रहे हैं। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि प्रमुख अभी पद पर आए हैं, उन्हें मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। विधायक ने कहा कि प्रमुख राशन गोदाम व मनरेगा से पैसे की उगाही करते हैं। इस प्रकार के मामले को लेकर मैं जिला उपायुक्त से मिलूंगा की वे सभी डीलर को तौल कर खाद्यान देने का काम करें। विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि प्रमुख खुद को ‘झारखंड का डॉन’ समझने की भूल न करें। हमारे क्षेत्र का यह प्रखंड है, और सही तरीके से अपने कार्यों का निर्वाहन करें।