बड़कागांव – किसान संघर्ष समिति के बैनर तले गैरमजरुआ भूमि का रैयती के समतुल्य मुआवजा भुगतान हेतु झंडा गड़ी कार्यक्रम रखा गया इसके तहत सिकरी, केरी एवं सोनबरसा मौजा में आने वाले गैरमजरुआ जमीन पर लाल झंडा गाड़ा गया। किसानों एवं रैयतो ने बताया की लाल झंडा गाड़कर हम एनटीपीसी को यह संदेश देना चाहते हैं कि इस जमीन का मुआवजा भुगतान नहीं हुआ है इसलिए इस पर डंपिंग या खनन का कार्य नहीं किया जाए। आपको बता दें कि पिछले 27 जनवरी दिन मंगलवार को किसान संघर्ष समिति ने यह निर्णय लिया था कि गैरमजरुआ भूमि का जब तक मुआवजा भुगतान रैयती के समतुल्य नहीं हो जाता तब तक हम लोग अपनी कंपनी को किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। इसी मुद्दे को लेकर बृहस्पतिवार को पकरी बरवाडीह कोल माइनिंग के सिकरी डंपिंग एरिया के सामने सोनबरसा,केरी, और सिकरी मौजा में झंडा गड़ी कार्यक्रम रखा गया। जिसमें लोगों ने अपने-अपने जमीन के आगे लाल झंडा गाड़ा । इस कार्यक्रम की जानकारी कंपनी को जैसे मिली बैठक स्थल पर एनटीपीसी के दो अधिकारी गुंजन सिंह और उत्तम सिंह एवं त्रिवेणी सैनिक से संजोग पॉल बैठक स्थल पर पहुंचे और रैयती एवं किसानो के समक्ष पूर्व विधायक लोकनाथ महतो के नेतृत्व में वार्ता हुई, जो सार्थक रही। कंपनी के अधिकारीयों ने रैयतों से अपनी गैर मजरुआ भूमि का पेपर आंचल से वेरीफाई कर कंपनी में जमा करने को कहा गया जिस कार्य में कंपनी के अधिकारीयों की तरफ से भी सहयोग किया जाएगा और पेपर सही होने पर गैर मजरुआ भूमि का रैयती के समतुल्य अर्थात 20 लाख से 24 लाख प्रति एकड़ मुआवजा भुगतान एक सप्ताह से 15 दिन के भीतर कर दिया जाएगा। रैयतों और ग्रामीणों ने कंपनी से आग्रह किया कि जब तक हमारी जमीन का मुआवजा भुगतान नहीं हो जाता जमीन पर काम को बंद किया जाए अन्यथा अधिकारीयों और रैयतों के बीच गतिरोध बढ़ेगा।
कई लोगों के फसल को बिना मुआवजा दिए ओबी डंप कर दिया गया है जिसकी क्षतिपूर्ति 3 दिनों के अन्दर सभी को कर दिया जायेगा। बिना मुआवजा भुगतान के जमीन पर कार्य करने को लेकर कंपनी के विरुद्ध ग्रामीणों में काफी रोष था। किसानों ने एक स्वर में कहा, जब तक हमारे गैर रैयती एवं गैरमजरुआ जमीन का भुगतान नहीं होगा तब तक जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। लोगों ने आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। गैर मजरुआ जमीन का पेपर कलेक्ट करने के लिए मोहल्ला स्तर पर 2-3 लोगों का ग्रुप बनाया गया है। जिसके पास अपनी गैर-मजरुआ जमीन का पेपर है उसकी फोटो कॉपी की प्रति एक 1-2 दिन के अंदर जमा करने का सभी को निर्देश दिया गया है ताकि जल्द से जल्द मुआवजा भुगतान किया जा सके। हालाँकि गैर मजरुआ जमींन का जिस किसान के पास पेपर नहीं है,केवल जोत आबाद और दखल है, इस प्रकार की जमींन पर कंपनी कोई विचार नहीं कर रही है , इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। जमीं का पेपर जल्द से जल्द जमा करने का निर्देश दिया गया है ताकि कंपनी का कार्य बाधित न हो। आज के इस बैठक और झंडा गड़ी कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद थे जिसमें किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सह पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, सचिव मीनू महतो, कोषाध्यक्ष देव प्रसाद, उपाध्यक्ष बालेश्वर महतो, उपसचिव टेजन महतो, मुखिया रंजीत कुमार, पत्रकार रंजन कुमार, लोकन महतो, कुंवर महतो ,उपेंद्र कुमार ,शंकर कुमार ,अमलेश कुमार, छात्रधारी महतो, अरविंद कुमार, खिरोधर महतो ,पंकज कुमार ,बासुदेव महतो , समेत सैकड़ों महिला पुरुष उपस्थित थे।