बड़कागांव : बड़कागांव विधानसभा विस्थापित भू- रैयतों के मामलों को लेकर राज्यपाल से मिले बिरसा विस्थापन यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष योगेंद्र साव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने मुलाकात की बीते 31 दिसम्बर 2025 से पूर्व कृषि मंत्री बिरसा विस्थापन यूनियन के बैनर तले पगार समीप कर्बला के बाहर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में कई कंपनियों के द्वारा की जा रही अवैध रूप भूमि अधिग्रहण,पुलिस अत्याचार एवं ग्रामीणों के शोषण के खिलाफ पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव एवं बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने 31 जनवरी शनिवार को प्रभावित एवं विस्थापित ग्रामीणों की एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात किया।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा,जिसमें पकरी बरवाडीह, गोंदलपुरा, मोइत्रा, बादम , केरेडारी, चट्टी बारियातु एवं नॉर्थ ईस्ट कोल ब्लॉकों में कंपनियों द्वारा जिला प्रशासन एवं पुलिस को आर्थिक लाभ देकर ग्रामीणों पर अत्याचार ,फर्जी मुकदमे , मारपीट , मोबाइल-मोटरसाइकिल छीनने , महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार एवं अपमान आदी जैसी घटनाओं का जिक्र किया है।ज्ञापन में मांग की गई कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत उचित मुआवजा, रोजगार, प्रदूषण से सुरक्षा एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं तथा अनिल पलटा के नेतृत्व में स्वतंत्र जांच समिति गठित कर दोषी अधिकारियों एवं कंपनी के प्रतिनिधियों पर कार्रवाई की जाए।मुलाकात के दौरान पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने कहा की यह केवल भूमि का मामला नहीं है, बल्कि ग्रामीणों के मौलिक अधिकार ,गरिमा एवं जीवन का सवाल है।पुलिस का दुरुपयोग कर कंपनियां अवैध कब्जा कर रही हैं, जबकि कानून बदल चुका है।
राज्यपाल महोदय ने हमारी बातें ध्यान से सुनीं और आश्वासन दिया और कहा की जल्द ही इस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा की पिछले कई महीनों से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। महिलाओं, वृद्धों एवं युवाओं पर अत्याचार हो रहा है।हमने राज्यपाल से मांग की है कि जांच समिति गठित हो,फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं और ग्रामीणों को उनका हक मिले।हमें उम्मीद है कि माननीय राज्यपाल इस मामले में न्याय सुनिश्चित करेंगे।प्रभावित ग्रामीणों के प्रतिनिधि ने बताया कि मुलाकात के बाद ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी आवाज सुनी जाएगी।उन्होंने कहा की “हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना हक मांग रहे हैं, लेकिन पुलिस एवं कंपनियां मिलकर हमें दबा रही हैं। राज्यपाल से मिलने पर हमसब को न्याय की उम्मीद है।राज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि ज्ञापन प्राप्त हो गया है और सोमवार को कार्यालय खुलते ही इस पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस घटनाक्रम से प्रभावित क्षेत्रों में चर्चा है कि क्या अब जिला प्रशासन एवं पुलिस पर कार्रवाई होगी और क्या ग्रामीणों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत उनका हक मिल पाएगा।राज्यपाल से मुलाकात करने वाले में मुख्य रूप से प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद , अधिवक्ता तापेश्वर कुमार , मोहम्मद दिलदार अंसारी, संजय कुमार,संजीत इत्यादि ग्रामीण भू-रैयत शामिल थे।