5 Feb 2026, Thu

नीम हकीम के खतरे में जान, इस कहावत को चरितार्थ करता हुआ एक घटना घटी, जो गरीब परिवार को झकझोर दिया

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उमेश कुमार

रमना प्रखंड में कुशल चिकित्सकों के नहीं होने के कारण इस प्रखंड के ग्रामीण अकुशल चिकित्स्कों से उपचार के लिए विवश हैं। झोला छाप चिकित्सक से ईलाज कराना सीरिया टोंगर भूईया टोली के एक महिला को भारी पड गया। जिसका कीमत उसे जान से हाथ धोकर चुकाना पड़ा। और गरीब परिवार को झकझोर कर रख दिया।

घटना की सुचना पाकर मौके पर पहुँच थाना प्रभारी आकाश कुमार ने ग्रामीणों एवं परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा कर अंत्यपरीक्षण हेतु उचित अभिरक्षा में सदर हॉस्पिटल गढ़वा भेज दिया।

परिजनों के अनुसार विश्वनाथ भूईया के 72 वर्षीय पत्नी मानकुंवर देवी को कुछ दिनों से कमजोरी महसूस हो रहा था। जिस कारण वंशीधर नगर थाना क्षेत्र के कोलझीकी गांव के कोईन्दी टोला के झोला छाप चिकित्सक सबिर अंसारी के द्वारा ताकत का इंजेक्शन दिया जा रहा था। चिकित्सक के द्वारा तीन ताकत का सुई देने की बात कही गयी थी। दो सुई लगा दिया गया था। तीसरा सुई लगाया गया जिसके बाद मानकुंवर की तबियत बिगड़ने लगी। सुई लगाने के बाद बिगड़ती स्थिति को देख झोला छाप चिकित्सक सबीर अंसारी के द्वारा लगाए गये सुई के खोखा शीशी लेकर भाग गया। ज़ब तक परिजन कुछ समझ पाते तबतक मानकुंवर की मृत्यु हो गई। जिसकी सुचना परिजनों ने रमना थाना को दिया। पुलिस घटना स्थल पहुँच कर शव को कब्जे में कर लिया। साथ ही थाना प्रभारी आकाश कुमार ने लोगो से अपील कि किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्या हो तो नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाए। झोला छाप चिकित्स्कों से रहे। समाचार लिखें जाने तक पीड़ित परिवार के तरफ से लिखित आवेदन पुलिस को नहीं दिया गया

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