विश्व प्रसिद्ध बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत पंकरी बरवाडीह गांव में स्थित मेघालिथ स्थल का पर्यटन कला संस्कृति खेल एवं युवा कार्य विभाग के निदेशक आरिफ एकराम ने निरिक्षण किया व ग्रामीणों व मौजूद लोगों से विस्तृत जानकारी ली। वहीं इस स्थल को विकिसित करने के लिए जिला योजना पदाधिकारी डीपीओ पंकज तिवारी से इसके विकास के लिए की गई, गतिविधि की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुल क्षेत्रफल लगभग 1600 मीटर है जिसमें सीएसआर मद से 3 करोड़ की राशि आवंटित किया गया है। वहीं चारदीवारी निर्माण के लिए 1 करोड़ 99 लाख रुपए का कार्य योजना का प्रस्ताव भेजा गया है। रैयतों व ग्रामीण की मुआवजा व रोजगार की मांग की है । विभाग द्वारा निर्णय लिया जाना है वहीं अमीन व कर्मचारी से इसका सीमाकंन व कुल रकवा व कितने रैयतों की भूमि है उसकी भी जानकारी ली । ग्रामीणों ने कहा कि यह क्षेत्र एनटीपीसी का खनन क्षेत्र में आता है और इस जमीन में सेक्शन 9 लगाया गया जिसे कंपनी व भारत सरकार से हटाया जाय और राज्य सरकार मेगालिथ पार्क निर्माण के लिए अधिग्रहण करें वहीं बरवाडीह गांव से भी सेक्शन 9 हटाने की अनुरोध किया। इसपर निदेशक ने कहा कि इसपर देखना होगा। जियोलॉजिकल विभाग से सर्वे करवाकर फिर उसके रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार को खनन क्रियाकलाप से मेगालिथ पार्क विकसित करने को लेकर अन्य गतिविधी के लिए डीनोटिफाइट़ के लिए आवेदन देकर प्रकिया आगे बढ़ानी होगी। तत्पश्चात निर्देश मिलने के बाद आगे बढ़ेंगे वहीं जो भी कार्य किया जाएगा। उसमें रैयतों ग्रामीणों के सहयोग व सहमति से विधिसम्मत प्रकिया के तहत ही कोई आगे का कार्य किया जाएगा। जिसमें आप सभी की सहभागिता आवश्यक होगी।
वहीं इस दौरान लगभग 400 मीटर दूरी पर स्थित पचपड़वा स्थित बौद्ध स्तूप का भी अवलोकन किए । इस मौके पर पर्यटन कला, संस्कृति,खेल एवं युवा कार्य विभाग के निदेशक आरिफ एकराम, वहीं विभाग के अधिकारी,भारत सरकार पुरात्तव विभाग रांची की टीम, डीपीओ पंकज कुमार तिवारी, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल अमरेन्द्र कुमार, अंचलाधिकारी मनोज कुमार,थाना प्रभारी कृष्णा कुमार गुप्ता,सहायक अभियंता लव कुमार,कनीय अभियंता धनंजय कुमार,अमीन नरेंद्र कुमार, कर्मचारी मनीष पाठक, जितेन्द्र दास,मुखिया प्रतिनिधि राजकुमार साव,के अलावे रैयत रुपलाल साव,कोल्हा साव,महावीर साव, गेंदों साव, सरयू साव,कृष्णा कुमार साव, व सुनील कुमार,सचिन कुमार,दिपू साव,राजु साव,कोमलचंद साव,विजय कुमार,निर्मल साव, भुनेश्वर साव, शिवनारायण साहु,नरेश कुमार साव,सहित दर्जनों ग्रामीण महिला पुरुष मौजूद थे।