विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा कद्दावर नेता सुशील कुमार चौबे उर्फ टिकैत चौबे, जिन्हें भीष्म पिता माना जाता था, वे अब नहीं रहे। अचानक हृदय गति रुकने से उनका अकस्मात निधन हो गया। यह खबर जानकर भाजपाइयों में शोक की लहर दौड़ गई। पूरा भाजपा परिवार सदमें में डूबा है। सुशील चौबे उर्फ टिकैत चौबे की निधन पर कांडी प्रखण्ड मुख्यालय स्थित भाजपा मंडल कार्यालय में गुरुवार को मंडल अध्यक्ष शशिरंजन दुबे की अध्यक्षता में एक शोक सभा का आयोजन किया गया।
जहां स्वर्गीय सुशील कुमार चौबे उर्फ टिकैत चौबे के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन धारण कर मृत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई। साथ ही उनकी तस्वीर पर पुष्प व पुष्पमाला अर्पित कर अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर प्रदेश किसान मोर्चा कार्यसमिति सदस्य रामलला दुबे ने शोक संवेदना प्रकट करते हुए कहा की स्वर्गीय सुशील कुमार चौबे उर्फ टिकैत चौबे भाजपा के सबसे पुराने नेता थे, जिन्होंने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष सहित अन्य जिम्मेवारी के साथ भाजपा को मजबूती प्रदान करते हुए अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र से 1990 ई. में विकट परिस्थिति में विधायक का चुनाव भी लड़ा, जिसमें वे असफल हो गए। वहीं मंडल अध्यक्ष शशिरंजन दुबे ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि विधायक का चुनाव हारने के बाद भी सुशील कुमार चौबे उर्फ टिकैत चौबे ने हार नहीं मानी। जब वे चुनाव लड़े थे, उस समय मंडल स्तर पर भी संगठन मजबूत नहीं थी। उन्होंने गांव-गांव तक यात्रा तय कर संगठन की नींव डाली। आज उन्हीं के संघर्ष के बदौलत भाजपा परिवार इतना विकसित हुआ है। झारखंड के संगठन में भी उनकी पैठ थी। ऐसी पुण्यात्मा को एका-एक चले जाने से भाजपा खाली सी हो गई। शोक सभा में उपस्थित सभी भाजपाइ व समर्थक उनके निधन से काफी दुःखी हैं। सभी ने परमात्मा से प्रार्थना की है कि उनकी पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दें और उनके परिवार को इस करुण वेदना में दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
इधर विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के क्षेत्रीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह उनके घर पहुंच कर शोक संवेदना व्यक्त किया।
शोक सभा में रामलखन प्रसाद, विनोद प्रसाद, शिव प्रसाद पांडेय, अमित पांडेय, रामलखन चंद्रवंशी, सुरेश मिश्रा, कृष्णा राम, लखन ठाकुर, मोती यादव सहित अन्य भाजपाई भी शामिल थे।