नारियां अपने दायित्व से नहीं भागें, जिम्मेवारी निभाएं : विनोद पाठक
अनुप सिंह
गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित महावीर मंदिर के प्रांगण में रविवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार के स्थानीय कार्यकर्ताओं की एक गोष्ठी कांडी प्रखंड समन्वयक विजय सोनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। गोष्ठी में सावित्री महिला मंडल कांडी का गठन किया गया। इसमें शशिमाला देवी को संचालिका और सुनीता देवी को सह संचालिका के लिये चयन किया गया। जबकि मालती देवी, शीला देवी, रिंकी देवी एवं बबिता देवी को मंडल का सदस्य बनाया गया। गोष्ठी में उपस्थित जिला समन्वयक विनोद पाठक ने वर्तमान परिस्थिति पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये कहा कि महिलाओं की स्थिति मध्यकालीन युग से भी खराब हो चुकी है। मध्यकालीन युग में महिलाओं को सिर्फ भोग की वस्तु समझा जाता था। आज नारियां सभी क्षेत्रों में आगे बढ़कर भूमिका निभा रही हैं ।इससे इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन भारतीय समाज में पाश्चात्य संस्कृति के हावी हो जाने के कारण उन्हें सिर्फ भोगवादी दृष्टिकोण से ही देखा जा रहा है। यहाँ तक कि महिलाओं पर भी पश्चिमी संस्कृति हावी हो चुकी है। वे परिवार और समाज के आदर्श संस्कृति का दायित्व निभाने की बजाय स्वछंद जीवन जीना पसंद कर रही हैं। इसलिये एकल परिवार का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। इसका असर परिवार और संपूर्ण समाज पर पड़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप महिलाओं पर भी अनैतिक हमले बढ़ गये हैं।
छोटी-छोटी बच्चियां रोज यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। इस परिस्थिति में बदलाव तभी संभव है, जब महिलाएं अपनी जिम्मेदारी को समझें और अपने अपने घरों में फिर से संस्कार परम्परा को स्थापित करें। ऋषियों की बतायी जीवनशैली का अनुकरण करें। श्री पाठक ने युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की भविष्यवाणी 21वीं सदी नारी सदी की चर्चा करते हुये गायत्री परिवार के विराट युग निर्माण से जुड़कर महिलाओं को अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला ट्रस्टी अच्युतानन्द तिवारी, जिला युवा समन्वयक वीरेन्द्र सोनी, जिला सह समन्वयक महेन्द्र राम, वरिष्ठ सदस्य अशोक विश्वकर्मा और रामरेखा प्रजापति आदि ने भी विचार व्यक्त किये। गोष्ठी में कई युग संगीत की भी प्रस्तुति की गयी। गोष्ठी का संचालन वीरेंद्र सोनी ने किया।