रमना प्रखंड के सिलीदाग एवं गम्हरिया पंचायत में एसबीआई फाउंडेशन से संपोषित एवं केजीवीके द्वारा संचालित ग्राम सेवा परियोजना अंतर्गत पंचायत के चयनित 5 ग्रामों मे महिला और किशोरी समूह के सदस्य बटन मशरूम उत्पादन कर आत्म निर्भर की ओर बढ़ रही है। यहा सब संभव हुआ है ग्राम सेवा परियोजना के सफल प्रयास सें जीरुवा गांव के शांति महिला समूह के सादस्य रुबिया देवी बताती है की पहले हमलोग बटन मशरूम के बारे नहीं जानते थे। लेकिन हमरे गांव द्वारा सेवा परियोजना के माध्यम से महिला और किशोरी समूह के सदस्यों को चयनित कर पहले प्रशिक्षण दिया गया। जिसमे कंपोस्ट बनाने से लेकर बटन मशरूम उत्पादन करने का जानकारी दिया गया। उसके बाद हमलोग को कंपोस्ट बैग दिया गया।
आज के समय मे हमलोग बटन मशरूम 250 से 200 रु के दर से नजदीकी मार्केट रमना और नगर उंटारी मे बेच रहे है। इससे ना केवल हमारे अंदर आत्म विश्ववस बढ़ा बल्कि हम अपने परिवार मे कुछ आर्थिक सहयोग भी कर पा रहे है । आगे परियोजना प्रबंधक अशोक मींज बताते है की बटन मशरूम उत्पादन करवाना हमरे लिए चुनौती पूर्ण था। क्योंकी इसके बारे मे यंहा के महिलायों को जनकरी नहीं था। महिलाये इसको करने के लिए भी इक्षुक नहीं थी। लेकिन हमलोगों ने प्रशिक्षण के माध्यम से इसके गुणवक्ता और व्यवसाईंक जानकरी दिया। जिसका परिणाम यह हुआ की आज करीब 50 से अधिक महिला और किशोरी मशरूम उत्पादन कर आर्थिक और कौशल रूप से ससक्त हो रही है । एवं आत्मनिर्भर बन रही हैं