5 Feb 2026, Thu

यहां ठंड ने तोड़ा 10 वर्षों का रिकॉर्ड: न्यूनतम तापमान 6°C पहुंचा, मौतों का आंकड़ा बढ़ने से दहशत

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विष्णु गुप्ता

बड़कागांव (हजारीबाग): झारखंड के बड़कागांव प्रखंड में इस वर्ष कड़ाके की ठंड ने पिछले एक दशक का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। दिसंबर 2025 से शुरू हुआ शीतलहर का प्रकोप जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में अपने चरम पर पहुंच गया है। बुधवार की अहले सुबह न्यूनतम तापमान गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

दो दर्जन से अधिक मौतें, प्रशासन और परिजनों के दावों में अंतर

ठंड की इस भीषण लहर के बीच बड़कागांव के दो किलोमीटर के दायरे में अब तक एक दर्जन से अधिक अधेड़ और बुजुर्गों की असमय मौत हो चुकी है। अगर पूरे प्रखंड की बात करें, तो दिसंबर से अब तक यह आंकड़ा दो दर्जन के पार पहुंच गया है।

मृतकों के नाम: सरजू राम (70), ललकु महतो (40), फुलसी देवी (60), राजेंद्र ठाकुर (50), धनेश्वर पासवान (60), अजय राम (40) समेत कई अन्य लोग शामिल हैं।

परिजनों का स्पष्ट कहना है कि इन मौतों का मुख्य कारण भीषण ठंड और शीतलहर है।

वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अब तक ठंड से किसी की आधिकारिक मौत की पुष्टि नहीं हुई है। कई मृतक पहले से बीमार थे, इसलिए ठंड को मौत का माध्यमिक (Secondary) कारण माना जा रहा है।

चिकित्सा पदाधिकारी की सलाह: ‘लापरवाही पड़ सकती है भारी’

बड़कागांव चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश कुमार ने लोगों को निरंतर सचेत रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी निम्नलिखित सुझाव जारी किए हैं:

गर्म कपड़ों का उपयोग केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग पूरे शरीर को ढंकने वाले गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें।

खान-पान: ताजा और गर्म भोजन करें तथा पीने के लिए गुनगुने पानी का ही उपयोग करें।

सुबह-शाम अलाव का सेवन करें और बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। ठंडे पानी से स्नान करने से परहेज करें।

ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ता प्रदूषण

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल ठंड के मार्च तक खिंचने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में यह उग्र बदलाव प्रदूषण, जंगलों की कटाई और ग्लेशियरों के पिघलने के कारण हो रहा है। गौरतलब है कि इस वर्ष देश में अत्यधिक गर्मी और भारी बारिश के बाद अब बेतहाशा ठंड पड़ रही है, जिसका पूर्वानुमान वैज्ञानिकों ने पहले ही दे दिया था।

सावधानी ही बचाव है: स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड को हल्के में न लें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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