कांडी: उत्तर कोयल परियोजना के तहत भीम बराज भंडरिया से निकलने वाली नॉर्थ नहर का निर्माण कार्य अब भारी विवादों के घेरे में आ गया है। रविवार को कांडी प्रखंड के सरकोनी पंचायत अंतर्गत नाउ सेमौरा गांव में उस वक्त स्थिति रणक्षेत्र जैसी बन गई, जब दर्जनों आक्रोशित रैयतों के द्वारा निर्माण कार्य को नक्शे के नियम विरुद्ध बताते हुए काम रुकवाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन के भारी जमावड़े के दम पर सरकारी नक्शे की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
विरोध कर रहे रैयत चंद्रशेखर पांडेय, मिथिलेश पांडेय, दिवाकर पांडेय, विनोद पांडेय, विपिन पांडेय, नंदू दास और नीरज पांडेय ने संयुक्त रूप से कहा कि नहर का निर्माण सरकारी नक्शे के अनुसार नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि सरकारी नक्शे में नहर घुमावदार प्रस्तावित है, लेकिन ठेकेदार और संबंधित विभाग चार-पांच थानों की पुलिस के साये में इसे मनमाने ढंग से सीधा बना रहे हैं। रैयतों का कहना है कि यह नक्शे की सरासर अनदेखी है, जो भविष्य में उनके लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है।आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि प्लॉट संख्या 53, 54, 151 और 141 में उनकी कीमती जमीन अधिग्रहित की जा रही है। नियमानुसार निर्माण कार्य शुरू होने से पहले उचित मुआवजे का भुगतान अनिवार्य है, लेकिन अब तक उन्हें एक पैसा भी नहीं मिला है। रैयतों का गंभीर आरोप है कि प्रशासन का डर दिखाकर उनकी जमीन पर जबरन बुलडोजर चलाया जा रहा है, जिससे रैयतों में भारी रोष है।रैयतों के शांतिपूर्ण विरोध के बावजूद मौके पर पुलिस प्रशासन की भारी तैनाती रही।
कांडी थाना प्रभारी असफाक आलम, रॉबिन उरांव, एसआई रोशन कुमार राम, सब-इंस्पेक्टर जुली टुड्डू, एबीआइ संतोष कुमार यादव समेत बड़ी संख्या में महिला पुलिस बल वहां डटे रहे। ग्रामीणों ने इसे प्रशासन की “दबाव वाली राजनीति” करार दिया है।इस दौरान कार्य स्थल पर मौजूद सुपरवाइजर अनिल कुमार ने बचाव करते हुए कहा कि सोमवार को अमीन के जरिए नक्शे की जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण कार्य गलत पाया गया, तो पुनः लेबलिंग कर दूसरी जगह खुदाई की जाएगी।