शिक्षा विभाग द्वारा कांडी प्रखंड क्षेत्र के कई स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत किचेन शेड की मरम्मति की योजना आई थी। इस संबंध में कांडी के प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश सहाय के पास कार्य पूर्णता प्रतिवेदन के लिए प्रस्ताव लाए जाने पर उन्होंने वस्तुस्थिति जाननी चाही। बीडीओ ने शिक्षा विभाग के प्रखंड संसाधन केंद्र से कितने स्कूलों में किचेन शेड की मरम्मति हुई और शेष कितनों की क्या स्थिति है। इस संबंध में रिपोर्ट मांगी। बीआरसी ने संबंधित विद्यालयों से रिपोर्ट तलब किया। तब जाकर स्कूलों के रिपोर्ट एवं कार्य में काफी विसंगति पाई गई। मालूम हो कि कांडी प्रखंड क्षेत्र के 33 विभिन्न विद्यालयों में किचेन शेड मरम्मति की योजना ली गई थी।
जिसकी प्राक्कलित राशि 17 लाख 22 हजार 626 रुपए थी। इसके विरुद्ध संवेदक के द्वारा शिक्षा विभाग के प्रखंड संसाधन केंद्र में सौंपे गए प्रोग्रेस रिपोर्ट के अनुसार 32 स्कूलों के किचेन शेड की मरम्मति का काम कंप्लीट हो गया है। जिसके कार्य के मूल्यांकन के बाद 16 लाख 73 हजार 021 रुपए की मापी पुस्तिका-एमबी बुक की गई है। जबकि नवप्राथमिक विद्यालय चौकड़ी के कार्य को प्रोग्रेस में बताया गया है। उसकी मापी पुस्तिका बुक नहीं हुई है। इधर बीडीओ द्वारा मांगे जाने पर प्रखंड संसाधन केंद्र के द्वारा योजना धारक विद्यालयों से कार्य की स्थिति मांगी गई थी। विभिन्न विद्यालयों के द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार राजकीय प्राथमिक विद्यालय मंडरा निस्फ में इस योजना के तहत किचेन शेड की मरम्मति के लिए विभाग के द्वारा 57371 रुपए निर्गत किए गए हैं। प्रधानाध्यापक शमशाद आलम ने लिखित रिपोर्ट सौंपते हुए कहा है कि अभी तक उनके यहां किचेन शेड की मरम्मति का काम शुरू ही नहीं हुआ है। एचएम ने अपने पैसे से कमरे का केवल पोचारा कराया है। जबकि इसे भी कंप्लीट दिखाया गया है। वहीं राजकीय मध्य विद्यालय सोहगाड़ा में भी कार्य अधूरा है। अपग्रेड मध्य विद्यालय अधौरा एवं राजकीय मध्य विद्यालय राणाडीह में भी किचेन शेड की मरम्मति का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
क्या कहा बीडीओ ने :- वस्तुस्थिति की जानकारी होने पर बीडीओ राकेश सहाय ने कहा कि यह बड़े ही शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि इस तरह नहीं चलेगा। सारा कार्य पूर्ण करना होगा।