ब्यूरो रिपोर्ट
अरे भइया कल ही 11 जुलाई को गिरिडीह से एक राजस्व कर्मचारी को ACB ने 20 हजार घूस लेते धरदबोचा था…
और लो! आज चांडिल से भी एक ‘भ्रष्टाचार प्रेमी’ शनिवार को शनि बर्मन पकड़ा गया!
ईमानदारी इतनी तेजी से फैल रही है कि लगता है सरकारी दफ्तरों में अब ‘घूस लेना’ प्रमोशन का नया तरीका बन गया है!
इतनी भी जल्दी क्या थी बाबू
थोड़ा सब्र कर लेते, गिरिडीह वाला मामला ठंडा तो होने देते।
पर नहीं!
भ्रष्टाचार में कॉम्पिटिशन इतना तगड़ा है कि बाबू लोग अब नंबर वन बनने की होड़ में लगे हैं।
सरकारी तंत्र को सुधारना मुश्किल नहीं… नामुमकिन है!
(और बाबू तो खुद सुधरने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं)


