पति पत्नी का विवाद से उतपन्न हुआ मामूली झगड़ा ने एक नया और विकट समस्या खड़ा कर दिया। इस पति पत्नी के मामले को सुलझाते-सुलझाते रमना पुलिस और आम ग्रामीणों के बिच एक ऐसा विवाद उतपन्न कर दिया, जिसमें पुलिस ने ग्रामीणों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। पुलिस कि इस कारवाई से ग्रामीण दुःखी हैं, उनका कहना यह कि हमलोग अपने समस्या लेकर प्रशासन के पास आते है कि हमारे साथ न्याय होगा, लेकिन पुलिस ही ज़ब हमारे ऊपर केश दर्ज कर दे तब हम किसके पास अपनी समस्या लेकर जायें, न्यालय भी जायेंगे तो मामला पुलिस के पास ही जाँच-पड़ताल के लिए आएगी, अब हम भरोसा करें तो किस पर करें।
इस सम्बन्ध में ग्रामीणो ने बताया कि 17 जून को सिलीदाग पंचायत के बीवाटिकर टोला निवासी मनोज राम पिता स्व सुरेश राम कि पत्नी चिंता देवी द्वारा सास और पति के साथ झगड़ा झंझट हुआ था, इसी बात को लेकर चिंता देवी द्वारा थाना में शिकायत कि गई थी, रात्री करीब दस-ग्यारह बजे पुलिस ने मनोज को फोन कर बुलाया, रात्री होने के वजह से मनोज ने सुबह में थाना पर हाजिर होने का निवेदन किया। दूसरे दिन सुबह मनोज राम के साथ पति पत्नी के झगड़े के प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण महिला पुरुष थाना पहुंचे तो पुलिस ने मनोज राम को बुलाया और रूम में लेजाकर मारने लगा उसकी चीख बाहर तक सुनाई दे रही थी। कुछ देर बाद ग्रामीण गए और आग्रह किये कि सर झगड़ा का जाँच कर लिया जाय तब जो गलतवार है उसको सजा दिया जाय। इसी बात को लेकर पुलीस अवर निरीक्षक आलोक कुमार,एवं इनके सहयोगी उपस्थित पुलिस कर्मी उग्र हो गये और गाली-गलौज करते हुए सतेंद्र कुमार को मारने लगे निर्दोष युवक को पीटते देख ग्रामीणो ने इसका विरोध किया, तब उपस्थित महिलाओ के साथ भी गाली गलौज किये। इस घटना कि सुचना पाकर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सतेन्द्र नारायण सिंह थाना पहुँच कर ग्रामीणों को समझाया बुझाया तब मामला शांत हुआ। इसके बाद सतेंद्र कुमार,मनोज राम, राजन कुमार, जितेंद्र कुमार, अजय राम उक्त घटना के जाँच हेतु अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया।
वही पुलिस अवर निरीक्षक अलोक कुमार ने भी थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया जिसमे आरोप लगाया गया है कि सतेंद्र भगत, कोईली देवी, विंदा देवी, धर्मेन्द्र राम,रामप्रवेश कुमार एवं 20 अज्ञात महिला पुरुष पर सरकारी काम में बाधा डालने एवं दुर्व्यवहार का प्राथमिकी दर्ज कराया है।
पुलिस द्वारा एक तरफा कारवाई से ग्रामीणों में असंतोष और भय का माहौल है।