कांडी-प्रखण्ड के हजारों एकड़ खेत सोन व पंडी नदी के बाढ़ में डूब गया।सोन नदी का बाढ़ का पानी कान्हा नदी से होकर बेलहत,नारायण पुर,बलियारी ,चोका,बरवाडीह सहित अन्य गाँव का हजारों एकड़ खेत में भर गया।जबकि पश्चिम की ओर से पंडी नदी का भी बाढ़ का पानी भरने से खेत में जलस्तर और हो गया। उस बाढ़ में सैकड़ो किसानों का धान का बिचड़ा पिछले दो दिनों से डूबा हुआ है।किसानों को धान का बिचड़ा को पानी में गल जाने की चिंता सता रही है।उक्त बाढ़ में कई किसानों का डीजल पम्प व बिजली मोटर भी डूब गया है।किसानों का कहना है कि अगर खेतों से जल्द बाढ़ का पानी का स्तर नीचे नही उतरता है तो धान का बिचड़ा पूरी तरह गल जाएगा।
किसान दिनेश मेहता,अजय कुमार,सीताराम,मुखदेव ,इंदल, अनिल,शिवबचन,सागर,भुलेटन,संतोष,छोटू,कालू,गोरख,मिथुन कुमार व अनिल मेहता ने बताया कि आसपास के दर्जनों गांव ऐसे हैं जिसे बाढ़ की चिंता हर वर्ष सताती है। हमारे खेतों में बाढ़ नही आये इस तरफ आज तक कोई ध्यान नही दिया।जो भी जनप्रतिनिधि हमारे यहां से जीत कर जाते हैं वे ग्रामीणों से किए गए वादा को भूल जाते हैं।अपना विकास करने पर ध्यान लगाते हैं। सोन व कोयल तट पर बसे गाँव के लोगों ने दशकों से उक्त दोनों नदियों में तटबंध निर्माण की मांग करते आ रहे हैं लेकिन जनप्रतिनिधि सुन रहे हैं और न केंद्र व राज्य की सरकार।लोगों ने कहा कि आखिर सरकार किस चीज का इंतजार कर रही है ,किन कारणों से तटबंध का निर्माण लंबित है।