5 Mar 2026, Thu

बड़ी खबर:विद्यालय परिसर में अश्लील भोजपुरी गाना बजाना एवं छात्रा को गोद में उठाना प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों को पड़ा भारी

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विद्यालय परिसर में अनुशासनहीनता के मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित,दो शिक्षकों पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई प्रारंभ

अनुप सिंह

गढ़वा: जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा ने विद्यालयी अनुशासन, नैतिकता एवं शैक्षणिक वातावरण की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। मेराल अंचल स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोहबरिया में सामने आए एक गंभीर अनुशासनहीन प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की गई है।

प्राप्त जानकारी एवं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर यह पाया गया कि विद्यालय में आठवीं वर्ग के छात्र-छात्राओं के विदाई समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में डीजे साउंड (ध्वनि विस्तारक यंत्र) लगाकर अशोभनीय एवं अश्लील गीत बजाए गए तथा विद्यालय की छात्राओं के साथ प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं कुछ शिक्षकों द्वारा नृत्य किए जाने की घटना सामने आई है। यह कृत्य विद्यालय की गरिमा, शैक्षणिक वातावरण तथा शिक्षक की मर्यादा के प्रतिकूल पाया गया है।

प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए झारखंड सरकारी सेवक नियमावली, 2016 के तहत प्रभारी प्रधानाध्यापक कुंदन कुमार रंजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, गढ़वा निर्धारित किया गया है। साथ ही राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देशानुसार उन्हें निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। विभागीय नियमों के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

इस प्रकरण में सहायक शिक्षक पुरुषोत्तम पंडित एवं सुबेश्वर राम का आचरण भी विशेष रूप से अनुचित पाया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने झारखंड सहायक अध्यापक सेवाशर्त नियमावली, 2021 के तहत इसे शिक्षक आचरण के विपरीत एवं गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्देश दिया है।

संबंधित प्राधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए दो दिनों के भीतर कृत कार्रवाई प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, झारखंड शिक्षा परियोजना, गढ़वा को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें तथा इसकी एक प्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को भी प्रेषित करें।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में अनुशासन, नैतिकता एवं शिक्षा के अनुकूल वातावरण बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता अथवा शिक्षक मर्यादा के विपरीत आचरण को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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