श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का यह विराट आयोजन क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश: तेजवंत दुबे
अनुप सिंह
मझिआंव:- प्रखंड क्षेत्र के गोपालपुर गांव स्थित बाबा विश्वेश्वर महादेव मंदिर बाजार प्रांगण में धार्मिक आस्था और भक्ति का प्रतीक बनने जा रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के विराट आयोजन को लेकर तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में पहुँच गई हैं।इधर यज्ञाचार्य श्री श्री 1008 श्री उदयनारायण चार्य त्रिदंडी स्वामी के निर्देशन में इस पावन अवसर के लिए भव्य पाँच तला यज्ञशाला का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।जो श्रद्धालुओं और भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेगी। विशाल और सुंदर ढंग से सजाई गई यह यज्ञशाला दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। यह पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ आगामी 22 मार्च 2026 जल यात्रा के साथ शुरू होकर 27 मार्च 2026 को साधु संतों के विदाई के साथ पूर्णाहुति होगी।
आयोजन समिति के उपाध्यक्ष युवा समाजसेवी अनुप कुमार दुबे उर्फ मीनू दुबे, संरक्षक आशीष कुमार दुबे उर्फ चिंटू दुबे, मुख्य पुजारी सह मिडिया तेजवंत कुमार दुबे उर्फ छोटू दुबे एवं अन्य सदस्यों के अनुसार यज्ञशाला का निर्माण पारंपरिक वैदिक विधि और वास्तु के अनुसार किया गया है। पाँच मंजिला इस यज्ञशाला में अलग-अलग स्तरों पर यज्ञ कुंड बनाए गए हैं। जहाँ विद्वान पंडितों और आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारन के साथ यज्ञ अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा।
यज्ञशाला को आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी झालरों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया है। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक बन गया है।
महायज्ञ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति द्वारा विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं। श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था, प्रसाद वितरण, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साथ ही बाहर से आने वाले साधु-संतों और अतिथियों के लिए विशेष भंडारे की उचित व्यवस्था की गई है।
आयोजन के दौरान प्रतिदिन प्रवचन कर्ता हयग्रीवाचार्य महाराज (वाराणसी), सुश्री अर्चना मिश्रा मानस विदुषी (हरदोई उत्तर प्रदेश) एवं जगतगुरु लक्ष्मनाचार्य महाराज (विंध्याचल) के द्वारा भजन-कीर्तन एवं प्रवचन किए जाएंगे। स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं का भी इस आयोजन में विशेष योगदान देखने को मिल रहा है, जो सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का यह विराट आयोजन क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश देगा। श्रद्धालुओं में इस महायज्ञ को लेकर काफी उत्साह और भक्ति का माहौल देखा जा रहा है।