मझिआंव:- नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 3 ब्लॉक स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में नवनिर्मित मंदिर में शिव प्राण प्रतिष्ठा के पावन उपलक्ष्य में आयोजित आठ दिवसीय रुद्र महायज्ञ का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न हुआ। इस दिव्य अवसर पर यज्ञाचार्य श्री श्री 1008 श्री बाबा केशव नारायण दास के निर्देशन में महा मनोकामनेश्वर भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग की विधि-विधानपूर्वक स्थापना की गई। जिसके पश्चात यज्ञ की पूर्णाहुति दी गई। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण शिवमय बना रहा और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा परिसर गूंजायमान होता रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चारण और गणेश पूजन के साथ हुआ था। आठ दिनों तक चले इस महायज्ञ में रामजन्म सोनी उनकी धर्मपत्नी ललिता देवी,बृज नारायण सिंह धर्मपत्नी ममता देवी,विजय सिंह उनकी धर्मपत्नी गीता देवी,डॉ रजनीकांत वर्मा धर्मपत्नी डॉ कविता कुमारी एवं धनंजय विश्वकर्मा उनकी धर्मपत्नी गीता देवी ने मुख्य यजमान कि भूमिका में रहे।इस दौरान प्रतिदिन रुद्राभिषेक,रुद्र पाठ,हवन एवं विशेष पूजन का आयोजन किया गया।काशी, वाराणसी एवं अयोध्या सहित विभिन्न क्षेत्रों से पधारे विद्वान आचार्यों और संत-महात्माओं के सान्निध्य में यज्ञ की प्रत्येक विधि पूर्ण शास्त्रीय नियमों के अनुसार संपन्न कराई गई। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आहुति अर्पित की तथा भगवान शिव से सुख,शांति और समृद्धि की कामना की।
शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा का क्षण अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। वैदिक मंत्रों और शंखध्वनि के बीच शिवलिंग में प्राण प्रतिष्ठित किए गए। इस पावन अनुष्ठान के साक्षी बने श्रद्धालुओं ने अपने जीवन को धन्य माना। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों, विद्युत सज्जा और ध्वज-पताकाओं से सजाया गया था।
आठवें दिन यज्ञ की पूर्णाहुति बड़े ही श्रद्धाभाव से संपन्न हुई। पूर्णाहुति के अवसर पर सैकड़ों भक्तों ने एक साथ हवन कुंड में आहुति अर्पित की।वेद मंत्रों की गूंज, घंटा-घड़ियाल और भजन-कीर्तन के बीच संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।आयोजन समिति द्वारा समस्त क्षेत्रवासियों एवं देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की गई।
इसके उपरांत पधारे हुए साधु-संतों का विधिवत सम्मान किया गया। उन्हें अंगवस्त्र और माल्यार्पण भेंट कर आभार प्रकट किया गया। संतों ने अपने आशीर्वचनों में धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया तथा समाज में आपसी सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।
पूरे आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं,युवाओं और महिलाओं ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में मंदिर कमेटी के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों की भूमिका सराहनीय रही।
इस प्रकार शिव प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में आयोजित आठ दिवसीय रुद्र महायज्ञ आध्यात्मिक उल्लास, सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का अनुपम उदाहरण बनकर सम्पन्न हुआ। यह आयोजन न केवल क्षेत्र के लिए गौरव का विषय रहा, बल्कि श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला सिद्ध हुआ। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों, दानदाताओं और श्रद्धालुओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।